Posted by on Aug 25, 2010 in
Religious |
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કર્તવ્યો:
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પર્યુષણ મહાપર્વના ૫ કર્તવ્યો |
વાર્ષિક ૧૧ કર્તવ્યો |
દૈનિક ૬ કર્તવ્યો |
જીવનના ૧૮ કર્તવ્યો |
| ૧ |
અમારિ – પ્રવર્તન |
સંઘપૂજા |
ભગવાનની પૂજા |
ઉચિત નિવાસ |
| ૨ |
સાધર્મિક ભક્તિ |
સાધર્મિક ભક્તિ |
ગુરુભગવંતની ઉપાસના |
ઉચિત વિદ્યાગ્રહણ |
| ૩ |
ક્ષમાપના |
યાત્રાત્રિક |
જીવદયા |
પાણિગ્રહણ |
| ૪ |
અઠ્ઠમનો તપ |
સ્નાત્ર મહોત્સવ |
સુપાત્રદાન |
યોગ્ય મિત્ર |
| ૫ |
ચૈત્ય – પરિપાટી |
દેવદ્રવ્ય વ્રુદ્ધિ |
ગુણાનુરાગ |
જિનભવન |
| ૬ |
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મહાપૂજા |
જિનવાણી શ્રવણ |
જિનપ્રતિમા રચના |
| ૭ |
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રાત્રિ જાગરણ |
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પ્રતિષ્ઠા |
| ૮ |
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શ્રુતજ્ઞાન ભક્તિ |
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દિક્ષા મહોત્સવ |
| ૯ |
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ઉદ્યાપન |
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પદસ્થાપન |
| ૧૦ |
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શાસન પ્રભાવના |
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શ્રુતભક્તિ |
| ૧૧ |
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આલોચના વિશુદ્ધિ |
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પૌષધશાળા નિર્માણ |
| ૧૨ |
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યાવજ્જીવ સમ્યક્ત્વનું પાલન |
| ૧૩ |
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અણુવ્રત સ્વીકાર |
| ૧૪ |
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દીક્ષા સ્વીકાર |
| ૧૫ |
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આરંભ ત્યાગ – નિવૃત્તિ
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| ૧૬ |
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બ્રહ્મચર્યવ્રત પાલન |
| ૧૭ |
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શ્રાવકની ૧૧ પ્રતિમા વહન |
| ૧૮ |
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અંતિમ આરાધના |
कर्तव्यो:
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पर्युषण महापर्वना ५ कर्तव्यो |
वार्षिक ११ कर्तव्यो |
दैनिक ६ कर्तव्यो |
जीवनना १८ कर्तव्यो |
| १ |
अमारि – प्रवर्तन |
संघपूजा |
भगवाननी पूजा |
उचित निवास |
| २ |
साधर्मिक भक्ति |
साधर्मिक भक्ति |
गुरुभगवंतनी उपासना |
उचित विद्याग्रहण |
| ३ |
क्षमापना |
यात्रात्रिक |
जीवदया |
पाणिग्रहण |
| ४ |
अठ्ठमनो तप |
स्नात्र महोत्सव |
सुपात्रदान |
योग्य मित्र |
| ५ |
चैत्य – परिपाटी |
देवद्रव्य व्रुद्धि |
गुणानुराग |
जिनभवन |
| ६ |
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महापूजा |
जिनवाणी श्रवण |
जिनप्रतिमा रचना |
| ७ |
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रात्रि जागरण |
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प्रतिष्ठा |
| ८ |
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श्रुतज्ञान भक्ति |
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दिक्षा महोत्सव |
| ९ |
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उद्यापन |
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पदस्थापन |
| १० |
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शासन प्रभावना |
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श्रुतभक्ति |
| ११ |
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आलोचना विशुद्धि |
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पौषधशाळा निर्माण |
| १२ |
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यावज्जीव सम्यक्त्वनुं पालन |
| १३ |
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अणुव्रत स्वीकार |
| १४ |
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दीक्षा स्वीकार |
| १५ |
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आरंभ त्याग – निवृत्ति |
| १६ |
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ब्रह्मचर्यव्रत पालन |
| १७ |
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श्रावकनी ११ प्रतिमा वहन |
| १८ |
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अंतिम आराधना |